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अब जोड़ों का दर्द झेलने की जरूरत नहीं : आयुर्वेद के पास इसका इलाज मौजूद है

jodon ke dard ka ilaaj
Ayurvedik Treatment for Joint Pain


जोड़ों का दर्द एक, ऐसी समस्या है जिससे लगभग हर इंसान परेशान है। कुछ हैं और कुछ होने की लाइन में खड़े हैं।
हमारा शरीर मांसपेशियों, हड्डियों, तंत्रिकाओं आदि से बना है। अगर हमारे शरीर के सभी अंग ठीक से काम करते हैं तो हम अपने आप को बिलकुल स्वस्थ महसूस करते हैं। हमारा शरीर उम्र के साथ पोषण तत्वों का अवशोषण करने में असक्षम हो जाता है। हमारे शरीर को ठीक तरीके से खड़ा रखने में हमारी हड्डियों का बहुत बड़ा योगदान रहता है लेकिन जब हमारी उम्र बढ्ने लगती है तो हमारे शरीर की हड्डियों में कैल्शियम की कमी होने लगती है। इसी तरह से हमारी मांसपेशियाँ भी दिनोदिन कमजोर होती चली जाती हैं। हड्डियों में कैल्शियम की कमी और मांसपेशियों का कमजोर होना ही जोड़ों के दर्द का सबसे बड़ा कारण है। लेकिन हमारे आयुर्वेद के पास इस समस्या का भी इलाज मौजूद है। आप बिना किसी झिझक के आयुर्वेद के इन नियमो का पालन करके अपने जोड़ों के दर्द को कम कर सकते हैं और वो भी बिना किसी साइड इफेक्ट के। तो चलिए शुरू करते हैं।

अदरक से इलाज
अदरक को इस रोग के लिए एक लाभकारी दवा माना जाता है। आप अपने रोज के खाने में इसे जोड़ सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे की आप केवल एक चम्मच ही लें। दरअसल, अदरक में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जो हमे जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिलाता है। एक रिसर्च के अनुसार जोड़ों के दर्द से और ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित लोगों को रोजाना अदरक की दो खुराक दी गई और कुछ दिनों में ही उनके दर्द में काफी सुधार देखा गया। इसके लिए आप एक कटोरे में थोड़ी सी अदरक और पानी लें। इसे आप 10-15 मिनटों के लिए उबाल दें। ध्यान रहे आप अदरक की मात्रा अधिक से अधिक 3-4 ग्राम ही रखें और पानी भी इसी के अनुसार रखें। इसके बाद अप इसका सेवन करें। आप दिनभर में 2-3 बार इसका सेवन करें, इससे आपको जरूर लाभ मिलेगा। 

रोजाना तेल की मालिश
आपको जिस जगह दर्द हो रही है उस जगह तेल की बढ़िया मालिश भी आपके लिए काफी कारगर साबित हो सकती है। जोड़ों के दर्द से छुटकारा पाने का एक असरदार तरीका है। इसका कारण यह है कि जब आप जोड़ों में तेल की मालिश करते हैं तो मालिश किया गया तेल, रक्त परिसंचरण (ब्लड सर्कुलेशन) को बढ़ाता है और दर्द और सूजन को हटा देता है। इसके लिए आप सरसों का तेल या फिर तेजपात का तेल भी चुन सकते हैं। आप इनमे से कोई भी तेल लीजिए और इसे प्रभावित जगह पर 15-20 मिनटों तक अच्छे से मालिश कीजिए। लेकिन यहाँ इस बात का जरूर ध्यान रखें की मालिश के तुरंत बाद आप टहलने की कोशिश न करें। थोड़ी देर तक आराम करें।

गर्म भाप दें
यह तुरंत काम करने वाला और जोड़ों के दर्द से बचने का सर्वोत्तम तरीका। इसके लिए आप  तौलिये पर गर्म भाप दें और इसे अपने जोड़ों पर रखें। आप चाहे तो गर्म पानी का थैला भी रख सकते हैं। आप इस प्रक्रिया को 20 मिनटों तक दोहराएँ और यकीन मानिए आप इसके परिणाम से जरूर संतुष्ट होंगे।

नमक भी काम करता है
जोड़ों के दर्द के इलाज के लिए आप इस विधि को अपना सकते हैं। इसके लिए आप पानी और नमक का घोल तैयार करें और उसे गर्म कर दें। इसके बाद आप इसके हल्के गुनगुने होने तक का इंतजार करें। अब आप इस गुनगुने पानी को अपने दर्द वाली जगह पर लगातार डालते रहें। आप ऐसा कम से कम 15-20 मिनटों तक करें। लेकिन ध्यान रखें कि पानी के गर्म होने की मात्रा आपके सहनशीलता के ऊपर ही निर्भर करती है। इसलिए आप अपने अनुसार पानी को गर्म करके लगाएँ।

कैल्शियम से भरपूर फूड्स
जैसा की ऊपर ही बताया जा चुका है कि उम्र बढ्ने के साथ-साथ लोगों में कैल्शियम की कमी होने लगती है। इसलिए आप उन फूड्स का सेवन करें जिनमे कैल्शियम की मात्रा अधिक हो। कैल्शियम को हड्डियों की ताकत और विकास के लिए माना जाता है। इसके लिए आप दूध, दही और अंडे जैसे डेयरी प्रोडक्ट का सेवन कर सकते हैं। एक शोध के अनुसार अगर हम अपने रोज के खाने में 1000 मिलीग्राम कैल्शियम लेते हैं तो इससे जोड़ों के दर्द समेत और भी कई रोग दूर होते हैं। 

लहसुन का प्रयोग करें
जोड़ों के दर्द वाले रोगियों के लिए लहसुन एक बहुत ही अच्छा उपाय है। यह इस मामले में काफी असरदार होता है, क्योंकि इसमें सल्फर और सेलेनियम होते हैं। इसमे पाया जाने वाला सल्फर जोड़ों की सूजन को दूर करता है। सेलेनियम दर को दूर करने मे मदद करता है। इसके लिए आप अपने खाने में कच्चे या फिर पके हुए लहसुन जोड़ सकते हैं। अगर आपको इसके स्वाद से दिक्कत है तो आप 2 चम्मच सरसों या तिल के तेल में 2 लहसुन भून सकते हैं। आप इसे तब तक भूनिए जब तक की यह काला न हो जाए। इसके बाद आप इस तेल को हल्का गुनगुना होने तक ऐसे ही छोड़ दें। अब आप इसे प्रभावित जगह पर मालिश करें। इसके बाद आप इसे 3 घंटों तक ऐसे ही छोड़ दें और फिर इसे बांध लें। लगभग 1 घंटे के बाद आप पट्टी उतार सकते हैं। इसे एक दिन में दो बार इस्तेमाल करें, आपको सुधार दिखाई देगा।

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